उमेश पटेल एक नेता के साथ दुख के साथी भी, महानदी हादसे में आहतों के साथ दिन-रात खड़े रहे खरसिया विधायक

रायगढ़। बीते शुक्रवार को झारसुगुड़ा जिले के थाना रेंगाली अंतर्गत पथरसेनी देवी मन्दिर के दर्शन के लिए वापस लौट रहे श्रद्धालुओं की नाव महानदी में पलट गई। इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद, रायगढ़ और झारसुगुड़ा जिला प्रशासन के साथ ही खरसिया विधायक उमेश पटेल ने प्रभावितों के साथ सहयोग किया और उनकी मदद का उत्तरदायित्व उठाया। ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम कोतरलिया निवासी गंगाराम विश्वकर्मा अपने कुनबे समेत अंजोरीपाली के रिश्तेदारों के साथ झारसुगुड़ा (ओडिशा) थाना रेंगाली अंतर्गत ग्राम सरघा स्थित पथरसेनी देवी मंदिर दर्शन के लिए सभी लोग एक ही नाव पर सवार होकर पथरसेनी मंदिर गए थे। जहां सभी श्रद्धालु देवी दर्शन के बाद वापस लौट रहे थे तभी यकायक नाव असंतुलित होकर पलट गयी। मौके पर 40 से अधिक लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाई कुछ लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाल लेकिन 8 लोगों की डूबने से मौत हो गईं। घटना के बाद रायगढ़ और झारसुगुड़ा जिला प्रशासन राहत कार्य में जुटी रही लेकिन इस दौरान खरसिया विधायक उमेश पटेल की संवेदनशीलता देखते ही बनी है, उन्होंने हर संभव लोगों की मदद करने का प्रयास किया।

राहत कैंप में आहतों से बांटा दुख
हादसे के बाद पता चला कि नाव में 50 से ज्यादा लोग खरसिया ब्लॉक के निवासी हैं। जैसे ही यह सूचना विधायक उमेश पटेल तक पहुँची, वे तत्काल आहतों से मिलने के लिए कंडईकेला पुलिस चौकी राहत कैंप पहुँचे। अपने नेता को अपने बीच पाकर घायलों में आत्मविश्वास जगी। लोगों के आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने अपना दुख-दर्द उमेश पटेल से साझा किया जिसके बाद श्री पटेल ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावितों को हिम्मत दी और उनके खाने-पीने और परिवहन की व्यवस्था हेतु अधिकारियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर समुचित संसाधन उपलब्ध कराने में योगदान दिया। घंटो अपनों के साथ समय बिताने के बाद रात को उमेश पटेल नन्देली लौटे और फोन पर लगातार पीड़ितों के बारे में अपडेट लेते रहे।

सरकार से मांगा मुआवजा
उमेश पटेल की मौजूदगी से प्रभावितों को काफी राहत मिली। यही नहीं उमेश पटेल ने हादसे में मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए और घायलों को 2-2 लाख रुपए आर्थिक सहायता हेतु छत्तीसगढ़ सरकार से मांग भी की है ताकि परिवार को इस अपार दुख के क्षण में थोड़ी राहत मिल सके।

चांटीपाली पहुंच प्रभावितों को दी हिम्मत
हादसे में सात लोगों की लापता होने के समाचार के बाद, सुबह से ही रेस्क्यू टीम लापता लोगों की तलाश में जुट गई। वक्त के साथ-साथ महानदी में डूबे लोगों के शव बरामद होते गए। इस प्रकार कुल सात लोगों के शव को रेस्क्यू टीम ने बरामद किया, जिन्हें झारसुगुड़ा जिले के चांटीपाली सामुदायिक केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए रखा गया। पानी में डूबे अपनों के शव मिलने के बाद, परिजनों के ऊपर बिजली गिर गई। इस भयानक स्थिति में उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था, लेकिन उमेश पटेल ने तत्काल चांटीपाली हॉस्पिटल पहुँचकर मृतकों के परिजनों को बड़े भाई की भांति हिम्मत और साहस दिया। उन्होंने तुरंत झारसुगुड़ा कलेक्टर से संपर्क करके जल्दी से पोस्टमार्टम की बात की और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर मृतकों के पार्थिव शरीर को साथ लेकर अंजोरीपाली पहुँचाया।

समर्पण भाव से निभाया मुखिया धर्म
अंजोरीपाली गांव में वाहन से मृतकों का पार्थिव शरीर जैसे ही नीचे उतरा बीते 24 घंटे से परिजनों की आंखों में दबे आंसू फव्वारे की तरह फूटने लगे। इस मुश्किल घड़ी में उमेश पटेल ने परिजनों को दिलासा और साहस दिया। उमेश पटेल ने खरसिया विधानसभा के परिवार के मुखिया के रूप में पूरा अपना उत्तरदायित्व निभाते हुए हर स्तर पर राहत हेतु प्रयास किया है। उनका यह संवेदनशील स्वभाव अपने क्षेत्रवासियों, मृतकों के परिजनों और पीड़ितों के प्रति उनके समर्पित स्नेह को प्रकट करता है जो उनके मन मे अपने लोगों के लिए अपार समर्पण की भावना को दर्शाता है।
अंजोरिपाली ग्राम वासियो ने उमेश पटेल के लिए ही ये पंक्तियां कही हैं - जो सुख में साथ दे वे रिश्ते होते है जो दुःख में साथ दे वे फरिश्ते होते है

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