वेदांता के विस्तार से बढ़ेगा प्रदूषण23 फरवरी को होना है जनसुनवाई

  • पहले आदिवासियों की जमीन छीनी, अब सांसे छिनने की तैयारी में कंपनी*
    रायगढ़। जिले के इतिहास में कुनकुनी आदिवासी जमीन घोटाला एक ऐसा काला अध्याय है। जिसमें आदिवासियों को ठगी का शिकार बनाकर अवैध तरीके से जमीन छीन ली गई और उस पर वेदांत जैसी कंपनी बिठा दी गई । इस कंपनी ने पहले आदिवासियों की जमीन छीन कर उन्हें जमीन से बेदखल कर दिया अब यही कंपनी अपना विस्तार कर लोगों की सांस छिनने की तैयारी में है। मेसर्स वेदांता वाशरी एंड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम की यह कंपनी कुनकुनी में अपना 10 गुना विस्तार करने जा रही है, जिसकी जनसुनवाई जिला प्रशासन ने 23 फरवरी मुकर्रर की है। आलम यह है कि इस वेदांता के प्रदूषण के कारण वर्तमान में लोगों का जीना मुहाल है ऐसे में इस प्रदूषण वाले क्षेत्र में इसी उद्योग के विस्तार के लिए जिला प्रशासन लगा हुआ है। जिस तरह कुनकुनी घोटाला अधिकारियों के संरक्षण में हुआ कुछ इसी तरह इस बार भी जिला प्रशासन के अधिकारी संदेश के दायरे में हैं। वेदांता का विस्तार कुनकुनी के लोग नहीं चाहते लेकिन प्रशासन प्रदूषण के सारे मापदंडों को दरकिनार कर इस प्लांट के विस्तार में अपनी मुहर लग चुका है, जनसुनवाई तो महज औपचारिकता भर है। ऐसे में प्रदूषण के कारण गंभीर बीमारियों और समस्याओं से जूझ रहे लोग प्लांट के विस्तार से किस तरह जी पाएंगे यह एक सवाल है।
    न पेसा एक्ट का पालन हुआ न ग्राम सभा हुई फिर भी लग गया प्लांट, अब विस्तार भी
    खरसिया में कोई भी भूमि अधिग्रहण बिना ग्राम सभा की अनुमति नहीं की जा सकती है। क्योंकि यह आदिवासी विकासखंड होने से पेसा एक्ट के दायरे में आता है। संबंधित कंपनी को ग्राम सभा से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है। इसके बाद ही वहां पर जमीन का अधिग्रहण किया जा सकता है । लेकिन वेदांता के लिए सभी नियम कायदे ताक पर रख दिये गए। प्लांट लगाने के लिए कोई ग्रामसभा नहीं हुई। सब अधिकारियों और उद्योगपति की साठगांठ से हो गया। अब यही साठगांठ 10 साल बाद प्लांट के विस्तार के लिए भी देखा जा रहा है। बताता जा रहा है कि इस प्लांट का संचालक रायगढ़ में एक थ्री स्टार होटल का मालिक है जो ढिमरापुर रोड में है।

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